Narendra Modi
नरेंद्र मोदी फ़ैक्ट्स

नरेंद्र मोदी 2014 के आम चुनाव में भारत का प्रधानमंत्री बन गया। इधर उस पर जानकारी और विश्लेषण (analysis) हैं।


मोदी का "पीआर मशीन" कैसे चलता है?

मोदी ने अपने 'इमेज' बनाए रखने के लिए एक बड़ा पीआर मशीन खड़ा किया है। इस पीआर मशीन का एक प्रधान मकसद गुजरात सरकार के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में एक सकारात्मक छवि पेश करना है। इसके लिए मीडिया में गुजरात सरकार द्वारा दी गई कहानियाँ लगातार प्रस्तुत की जाती हैं। मोदी का अपना टीवी चैनल है और उसके भाषणों का एक साथ कई जगहों पर थ्री-डी प्रसारण किया जाता है। यह स्पष्ट नहीं है कि इसका खर्चा कितना होता है और इसे कौन उठाता है

मीडिया स्ट्राटेजी का एक और पहलू प्रसिद्ध व्यक्तियों का समर्थन प्राप्त करना है। मसलन लेखिका मधु किश्वर, जो पीआर मशीन द्वारा व्यवस्थित एक 'लंच मीटिंग' के बाद मोदी की आलोचक से उसकी समर्थक में बदल गई, और इसके बाद मोदी के तारीफ़ में कई लेख लिखने लगी। मोदी के पीआर मशीन द्वारा बनाई गई एक अजीब कहानी के अनुसार 'रैम्बो' जैसे उसने उत्तराखंड बाढ़ से 15,000 गुजरातियों को बचाया। यह कहानी, जो बाद में झूठ निकली, बीजेपी द्वारा फ़ैलाई गई थी

2006 से मार्च 2013 तक, अमरीकी पीआर कंपनी एपको वर्ल्डवाइड गुजरात सरकार के अंतरराष्ट्रीय पीआर के लिए ज़िम्मेदार थी। इस कंपनी के बारे में और जानकारी यहाँ मिलेगी। हालांकि एपको के अनुसार वे सिर्फ़ गुजरात राज्य का प्रचार कर रहे थे और मोदी का नहीं, सच्चाई यह है कि मोदी के सफ़लता का एक कारण उनका 'वाइब्रेंट गुजरात' अभियान के बढ़ाए हुए दावे हैं।